5 મિનિટ 6-8 વર્ષ Medium

गुरु पूर्णिमा विशेष: गुरुभक्त आरुणि की श्रद्धा (Aruni’s Sacrifice)

🎭 મુખ્ય પાત્રો: शिष्य आरुणि, गुरु ऋषि धौम्य

गुरु पूर्णिमा विशेष: गुरुभक्त आरुणि की श्रद्धा (Aruni’s Sacrifice)
અક્ષરનું માપ:

प्राचीन समय में ऋषि धौम्य के आश्रम में आरुणि नाम का एक समर्पित शिष्य पढ़ता था। एक दिन आकाश में घने बादल छा गए और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई।

ऋषि धौम्य को चिंता हुई कि आश्रम के खेत में पानी भरने से फसल बह जाएगी। उन्होंने आरुणि से खेत की मेंड़ (मेड़) बाँधने को कहा ताकि खेत का पानी रुक सके। आरुणि तुरंत खेत पर पहुँचा और मिट्टी डालकर पानी रोकने का प्रयास करने लगा।

लेकिन पानी का बहाव इतना तेज़ था कि मिट्टी बह जाती थी। फसल बचाने और गुरुजी की आज्ञा पूरी करने के लिए आरुणि स्वयं ही खेत के नाले पर लेट गया। पूरी रात वह भीषण ठंड और बारिश में वहीं लेटा रहा और पानी को रोके रखा।

सुबह ऋषि धौम्य खेत में आए और आरुणि की यह अद्भुत गुरुभक्ति देखकर भावविभोर हो गए। ऋषि ने उसे आशीर्वाद दिया कि तुम सदा ज्ञानी और अमर रहोगे। गुरु पूर्णिमा के दिन आरुणि की यह कथा शिष्यधर्म का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।

💡

વાર્તાનો બોધ (Moral of the Story)

गुरु की आज्ञा का पालन और कर्तव्यनिष्ठा शिष्य को ज्ञान का प्रकाश प्रदान करती है।