एक छोटे से सुंदर गाँव में रोहन नाम का एक बहुत ही जिज्ञासु लड़का रहता था। रोहन को रोज़ नई-नई चीज़ें जानना और नए कारनामे करना बहुत पसंद था। एक दिन रोहन अपने दादाजी के पुराने कमरे की सफ़ाई कर रहा था, तभी उसे कोने में रखी एक लकड़ी की पुरानी तिजोरी मिली। तिजोरी पर सुंदर नक्काशी बनी हुई थी और उस पर एक चमकता हुआ सुनहरी ताला लगा हुआ था।
रोहन ने उत्सुकता से तिजोरी की चाबी ढूंढनी शुरू की। अलमारी के पीछे से उसे एक चमकती सुनहरी चाबी मिली। उसने चाबी ताले में घुमाई और तिजोरी खुल गई! रोहन को लगा कि अंदर सोने के सिक्के होंगे, लेकिन अंदर केवल एक रेशमी कपड़े में लिपटी बड़ी किताब थी।
रोहन ने जब किताब खोली तो एक चमत्कार हुआ! किताब से सुनहरी रोशनी निकली और अक्षर हवा में तैरने लगे। यह एक जादुई किताब थी। किताब के पन्नों से सुंदर चित्र और कहानियाँ सजीव होकर रोहन के सामने आने लगीं। पहले पन्ने पर ब्रह्मांड और तारों की जानकारी थी, दूसरे पर समुद्र के जीवों की कथा थी, और तीसरे पर वैज्ञानिकों की खोजों की जानकारी थी।
रोहन रोज़ यह जादुई किताब पढ़ने लगा। जैसे-जैसे वह पढ़ता गया, उसका ज्ञान बढ़ता गया। वह स्कूल में हर सवाल का सही जवाब देने लगा। गाँव के लोग उसकी बुद्धिमत्ता देखकर हैरान रह गए।
रोहन समझ गया कि सुनहरी चाबी ने तिजोरी का ताला नहीं, बल्कि उसके ज्ञान के द्वार खोले थे। उसने अपने दोस्तों को भी किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित किया।