राजा विक्रमादित्य अपनी वीरता और न्यायप्रियता के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध थे। एक तांत्रिक ने राजा विक्रम को अपने वश में करके गुप्त सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए एक बड़ा षड्यंत्र रचा था। उसने राजा को श्मशान से एक शव (लाश) लाने का काम सौंपा था।
विक्रम जब शव को कंधे पर रखकर जंगल से गुज़र रहे थे, तब उस शव में मौजूद बेताल ने कहानियाँ सुनाना शुरू किया। बेताल ने प्रश्न पूछा: “हे राजा, इस सृष्टि में सबसे बड़ा बलिदान देने वाला कौन है?” राजा ने न्यायपूर्वक उत्तर दिए।
कहानी पूरी होने के बाद राजा विक्रम जब तांत्रिक के पास पहुँचे, तब उन्हें पता चला कि तांत्रिक जंगल के निर्दोष आदिवासियों और जानवरों की बलि चढ़ाकर अपनी शक्ति बढ़ाना चाहता है। राजा विक्रम ने अपने प्राणों का जोखिम उठाकर उस तांत्रिक का वध कर दिया और सभी लोगों की रक्षा की। बेताल ने राजा की इस निस्वार्थ बहादुरी की प्रशंसा की और सदैव उनके साथ रहने का वचन दिया।