काजल नाम की एक 7 साल की नन्ही और प्यारी सी लड़की थी। उसे चित्र बनाने का बहुत शौक़ था, लेकिन ग़रीबी के कारण उसके पास अच्छे रंग या काग़ज़ नहीं थे। वह ज़मीन पर लकड़ी से ही चित्र बनाया करती थी।
एक दिन उसके प्यारे स्वभाव से खुश होकर जंगल की एक जादुई परी ने काजल को एक सुंदर सुनहरी पेंसिल दी। परी ने कहा, “काजल, यह एक जादुई पेंसिल है। तुम काग़ज़ पर जो भी चित्र बनाओगी, वह जीवित और असली बन जाएगा!” काजल ने काग़ज़ पर एक सुंदर लाल सेब बनाया, तो सचमुच एक ताज़ा सेब उसके हाथ में आ गया!
काजल ने इस पेंसिल का उपयोग अपने स्वार्थ के लिए नहीं किया। उसने गाँव के ग़रीब बच्चों के लिए खिलौने, बीमार बुज़ुर्गों के लिए दवाइयाँ और भूखे लोगों के लिए अनाज के चित्र बनाकर सब कुछ सच कर दिया। एक लालची आदमी ने यह पेंसिल चुरा ली और अपने लिए सोने की बड़ी-बड़ी ईंटें बनाने लगा। लेकिन जादुई पेंसिल केवल सच्चे और अच्छे दिल की बातें ही सच करती थी, इसलिए उस लालची आदमी के हाथ में केवल पत्थर आए। काजल को उसकी पेंसिल वापस मिल गई और वह दूसरों की भलाई करती रही।