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जादुई कुआँ और किसान (The Magic Well and the Farmer)

🎭 મુખ્ય પાત્રો: रामदास, श्यामलाल

जादुई कुआँ और किसान (The Magic Well and the Farmer)
અક્ષરનું માપ:

एक सुंदर गाँव में रामदास नाम का एक ग़रीब लेकिन बेहद ईमानदार किसान रहता था। वह हर दिन सुबह अपने खेत में दिन-रात कड़ी मेहनत करके अपने परिवार का गुज़र-बसर करता था। उसके पास वाले खेत में श्यामलाल नाम का एक धनी और बेहद लालची ज़मींदार रहता था। श्यामलाल को दूसरों की चीज़ें हड़पने की आदत थी।

एक गर्मी के मौसम में रामदास के खेत में पानी की किल्लत हो गई। यह देखकर उसने श्यामलाल से उसका पुराना कुआँ खरीद लिया। रामदास ने अपनी मेहनत की बचत से कुएँ की पूरी कीमत चुका दी। लेकिन अगले दिन जब रामदास कुएँ से पानी भरने गया, तब श्यामलाल ने उसे रोक दिया और कहा, “मैंने तुम्हें कुआँ बेचा है, उसका पानी नहीं! अगर तुम्हें पानी चाहिए, तो अलग से पैसे देने पड़ेंगे।”

रामदास न्याय के लिए राजा के दरबार में गया। बादशाह ने इस समस्या को सुलझाने का काम अपने चतुर मंत्री को सौंपा। मंत्री ने श्यामलाल को बुलाकर पूछा, “जब आपने कुआँ बेच दिया है, तो फिर अपना पानी उसमें क्यों रखा है? या तो अपना पानी कुएँ से बाहर निकाल लीजिए या फिर अपना पानी कुएँ में रखने के लिए किसान को किराया दीजिए!” यह सुनकर श्यामलाल घबरा गया और उसने नम्रतापूर्वक अपनी गलती स्वीकार कर ली। रामदास को न्याय मिला और श्यामलाल का अनैतिक लालच हार गया।

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વાર્તાનો બોધ (Moral of the Story)

संतोष ही सबसे बड़ा धन है। लालच हमेशा नुक़सान ही पहुँचाता है।