एक घने जंगल में ऐरावत नाम का एक विशालकाय लेकिन बहुत ही दयालु हाथी रहता था। ऐरावत हाथी जंगल के छोटे-बड़े सभी जानवरों की रक्षा करता था। उसी जंगल में एक पीपल के पेड़ पर चींचीं नाम की नन्ही गौरैया अपने दो छोटे बच्चों के साथ घोंसले में रहती थी।
एक दिन जंगल में भीषण तूफान और तेज़ बारिश शुरू हो गई। हवा के झोंकों से पीपल का पेड़ हिलने लगा और गौरैया का घोंसला टूटकर नीचे गिरने ही वाला था। चींचीं गौरैया बहुत घबरा गई और अपने बच्चों को बचाने के लिए ज़ोर से चिल्लाने लगी।
ऐरावत हाथी ने गौरैया की पुकार सुनी। उसने तुरंत अपनी लंबी सूँढ से पेड़ की डाल को मजबूती से थाम लिया और अपने विशाल शरीर से हवा और बारिश के थपेड़ों को रोक लिया। तूफान शांत होने तक हाथी वहीं खड़ा रहा और गौरैया के परिवार की जान बचा ली। गौरैया ने हाथी का दिल से धन्यवाद किया। यह कहानी सिखाती है कि शक्ति का उपयोग कमज़ोरों की रक्षा के लिए करना चाहिए।