एक छोटा सा मेमना (भेड़ का बच्चा) मीठू अपने झुंड से बिछड़कर जंगल के अंदरूनी हिस्से में आ गया। शाम होने को थी और रास्ता भटक जाने के कारण वह घबरा गया। अचानक उसके सामने जंगल का क्रूर शेर शेरखान आ पहुँचा। शेर ने दहाड़ मारते हुए कहा, “आज मुझे एक सुंदर और कोमल भोजन मिल गया!”
मीठू मेमना पहले तो काँपने लगा, लेकिन उसने तुरंत अपना दिमाग शांत किया और एक तरकीब सोची। वह एक ऊँचे पत्थर पर गर्व से खड़ा हो गया और गंभीर आवाज़ में बोला, “अरे शेरखान! मैं कोई साधारण मेमना नहीं हूँ, मैं जंगल के नए राजा का दूत हूँ। आज सुबह ही मैंने तीन चीतों को हराया है। अगर तुम मेरा शिकार करोगे, तो मेरे राजा तुम्हें तुरंत सजा देंगे।”
शेर उसकी यह हिम्मत देखकर दंग रह गया। मेमने के चेहरे पर ज़रा भी डर नहीं था। उसी समय झाड़ियों में से कुत्तों के ज़ोर-ज़ोर से भौंकने की आवाज़ आई। मीठू ने कहा, “देखो, मेरे सैनिक मुझे ढूँढते हुए यहाँ आ गए हैं!” शेर डर गया और मेमने का शिकार करने का विचार छोड़कर वहाँ से भाग खड़ा हुआ। मीठू अपनी बुद्धिमत्ता से बच निकला।