दिवाली हमारा सबसे सुंदर और आनंददायक त्योहार है। यह कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस पावन दिन पर भगवान श्री राम रावण का वध करके और चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या वापस लौटे थे। संपूर्ण अयोध्यावासियों ने घर-घर मिट्टी के दिए जलाकर उनका भव्य स्वागत किया था।
आज भी लोग दिवाली के पावन अवसर पर अपने घरों की सफाई और रंग-रोगन करते हैं, आंगन में सुंदर रंगोलियाँ सजाते हैं और चारों तरफ दीप जलाते हैं। नए वस्त्र पहनकर स्वादिष्ट मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं और बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया जाता है। दिवाली हमें अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय का पावन संदेश देती है।