भारत के स्वाधीनता संग्राम में वीर सावरकर (विनायक दामोदर सावरकर) एक प्रखर क्रांतिकारी, महान लेखक, कवि और समाज सुधारक थे।
जन्म, अभिनव भारत और लंदन क्रांति
उनका जन्म 28 मई 1883 को नासिक के भगूर गांव में हुआ था। 1904 में उन्होंने क्रांतिकारी संगठन ‘अभिनव भारत’ की स्थापना की। लंदन में इंडिया हाउस से जुड़कर उन्होंने “1857 का स्वातंत्र्य समर” ऐतिहासिक ग्रंथ लिखा।
समुद्री छलांग और काला पानी की सजा
1910 में गिरफ्तारी के बाद फ्रांस के मार्सेल्स बंदरगाह पर जहाज से समुद्र में कूदकर भागने का ऐतिहासिक प्रयास किया। अंग्रेजों ने उन्हें 50 वर्ष (दो जन्मों) की सजा सुनाकर अंडमान की सेलुलर जेल भेजा।
समाज सुधार और विचार
रत्नागिरि में नजरबंदी के दौरान उन्होंने अस्पृश्यता निवारण के लिए पतित पावन मंदिर बनवाया। 26 फरवरी 1966 को उनका निधन हुआ।