एक सुंदर और घने जंगल में भोलू नाम का एक दयालु भालू रहता था। भोलू बहुत ही विनम्र और मददगार स्वभाव का था। वह जंगल के सभी जानवरों के साथ प्रेम से रहता था। उसी जंगल में सोनू नाम का एक छोटा और चतुर खरगोश भी रहता था।
एक दिन गर्मी की कड़कड़ाती दोपहर में भोलू भालू भोजन की तलाश में जंगल में भटक रहा था। अचानक उसका पैर एक गहरे गड्ढे में फँस गया। भोलू ने बाहर निकलने का बहुत प्रयास किया, लेकिन गड्ढा गहरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। भोलू मदद के लिए चिल्लाने लगा।
पास से गुज़र रहे सोनू खरगोश ने भोलू की आवाज़ सुनी। सोनू तुरंत गड्ढे के पास पहुँचा। सोनू ने देखा कि भोलू अकेला बाहर नहीं आ सकता। सोनू ने अपनी बुद्धि का प्रयोग किया और जंगल के अन्य छोटे मित्रों को बुला लाया। सबने मिलकर एक लंबी और मज़बूत बेल (लता) गड्ढे में डाली। भोलू ने बेल पकड़ी और सभी जानवरों ने मिलकर भोलू को बाहर खींच लिया।
भोलू भालू ने सोनू खरगोश और सभी मित्रों का दिल से धन्यवाद किया। उस दिन से भोलू और सोनू पक्के मित्र बन गए।