एक घने जंगल में सुंदर नाम का एक चंचल हिरण रहता था। उसी जंगल के पास के एक गाँव में लालियो नाम का एक वफ़ादार और होशियार कुत्ता रहता था। जंगल की सीमा पर दोनों अक्सर मिलते थे और उनके बीच गहरी मित्रता हो गई थी। दोनों घंटों तक साथ खेलते और जंगल में घूमते थे।
एक दिन एक शिकारी ने जंगल के बीच हिरण को पकड़ने के लिए एक मज़बूत जाल बिछाया। हिरण घास चरते-चरते जाल में फँस गया। वह बाहर निकलने के लिए तड़पने लगा, लेकिन निकल नहीं पाया। तभी लालियो वहाँ से गुज़र रहा था। उसने अपने मित्र को आफ़त में देखा।
लालियो ने बिना समय गँवाए देखा कि शिकारी आ रहा है। वह ज़ोर-ज़ोर से भौंकने लगा और शिकारी के सामने दौड़ा, ताकि शिकारी का ध्यान भटक जाए और वह रास्ता बदलने पर मजबूर हो जाए। उसके बाद लालियो ने तेज़ी से जाकर अपने नुकीले दाँतों से हिरण के जाल को काट दिया।
हिरण जाल से छूट गया और दोनों मित्र शिकारी के पहुँचने से पहले सुरक्षित भाग निकले। हिरण ने लालियो का बहुत-बहुत धन्यवाद किया और उसकी वफ़ादारी तथा चतुराई की तारीफ़ की।