4 મિનિટ 3-5 વર્ષ Easy

बुलबुल और जादुई सोने का पिंजरा (The Nightingale and the Golden Cage)

🎭 મુખ્ય પાત્રો: प्रतापी राजा, बुलबुल, समझदार मंत्री, शिकारी

बुलबुल और जादुई सोने का पिंजरा (The Nightingale and the Golden Cage)
અક્ષરનું માપ:

एक प्रतापी राजा को पक्षी बहुत प्रिय थे। एक दिन एक शिकारी ने राजा के लिए जंगल से एक अत्यंत मधुर गाने वाला बुलबुल (Nightingale) पकड़ कर दिया। राजा बुलबुल के गीत से अत्यंत मोहित हो गए और उन्होंने उसके लिए एक विशाल सोने का पिंजरा बनवाया।

सोने के पिंजरे में बुलबुल के लिए श्रेष्ठ फल और स्वच्छ पानी रखा जाता था। लेकिन बुलबुल उदास रहने लगा। वह जंगल के मुक्त आकाश, हरे-भरे वृक्षों और सूर्य के प्रकाश को याद करके रोता था। उसने गाना गाना भी बिलकुल बंद कर दिया और बीमार पड़ गया।

राजा बुलबुल को कमज़ोर होते देखकर चिंतित हुए। एक समझदार मंत्री ने राजा से कहा, “महाराज! पिंजरा भले ही सोने का हो, लेकिन वह बुलबुल के लिए क़ैदख़ाना ही है। उसकी ख़ुशी और उसका गीत उसकी स्वतंत्रता में ही छिपा है।”

राजा को अपनी भूल का एहसास हुआ। उन्होंने पिंजरा खोलकर बुलबुल को खुले आकाश में उड़ा दिया। मुक्त होते ही बुलबुल सुंदर गीत गाते हुए जंगल की ओर उड़ गया। राजा समझ गए कि आजादी का मूल्य अमूल्य है।

💡

વાર્તાનો બોધ (Moral of the Story)

स्वतंत्रता से बढ़कर कोई सुख नहीं होता; सोने का पिंजरा भी कभी आज़ादी का स्थान नहीं ले सकता।