બાળ કવિતા

कबूतर गुटर गूँ करता (Kabutar Ghutar Ghu Karta)

मेरा कबूतर गुटर-गूँ करता,
स्लेटी पंखों से ऊँचा उड़ता!

दाने चुगने रोज़ वह जाए,
छत पर बैठ मीठा गाना गाए!

शांति का वह प्रतीक कहलाए,
उसे देखकर मन मुस्काए!

भोला-भाला प्यारा पंछी,
कबूतर भैया लगता सच्चा साथी!

कबूतर गुटर गूँ करता (Kabutar Ghutar Ghu Karta)