બાળ કવિતા

छोटी मेरी आँखें (Chhoti Meri Ankhe)

मेरी नन्ही आँखें, कितनी प्यारी-प्यारी,
सचमुच कितनी अद्भुत हैं ये न्यारी!

मेरी छोटी नाक, फूलों की खुशबू पाए,
सचमुच कितनी अद्भुत बात बतलाए!

मेरे नन्हे कान, ध्यान से सब सुनते,
सचमुच कितनी अद्भुत बातें चुनते!

मेरा छोटा मुँह, मीठी-मीठी बातें बोले,
सचमुच कितनी अद्भुत मुस्कान घोले!

मेरे नन्हे हाथ, मिलकर ताली बजाएँ,
सचमुच कितनी अद्भुत खुशियाँ लाएँ!

मेरे छोटे पैर, धीरे-धीरे चलें,
सचमुच कितनी अद्भुत राहें चुनें!

छोटी मेरी आँखें (Chhoti Meri Ankhe)