मेरा कबूतर गुटर-गूँ करता,
स्लेटी पंखों से ऊँचा उड़ता!
दाने चुगने रोज़ वह जाए,
छत पर बैठ मीठा गाना गाए!
शांति का वह प्रतीक कहलाए,
उसे देखकर मन मुस्काए!
भोला-भाला प्यारा पंछी,
कबूतर भैया लगता सच्चा साथी!
मेरा कबूतर गुटर-गूँ करता,
स्लेटी पंखों से ऊँचा उड़ता!
दाने चुगने रोज़ वह जाए,
छत पर बैठ मीठा गाना गाए!
शांति का वह प्रतीक कहलाए,
उसे देखकर मन मुस्काए!
भोला-भाला प्यारा पंछी,
कबूतर भैया लगता सच्चा साथी!