બાળ કવિતા

बादल बरसे छम छम (Badal Barse Chham Chham)

काले-काले बादल नभ में आए,
ठंडी-ठंडी हवाएँ संग में लाए!

धरती पर बरसा प्यारा पानी,
किसान की मेहनत हुई सुहानी!

छम-छम-छम बरसा पानी,
नहाने में आई बड़ी खुशी निराली!

नदी-नाले सब भर गए,
बरसात राजा हमको भा गए!

बादल बरसे छम छम (Badal Barse Chham Chham)