एक गाँव में धूम्रकेतु नाम का एक बड़ा ऊँट रहता था। उसका मालिक उसके गले में काँसे की एक सुंदर घंटी बाँधकर रखता था। जब भी ऊँट चलता, तो घंटी की मीठी आवाज़ आती थी। इस घंटी के कारण धूम्रकेतु खुद को दूसरे ऊँटों से श्रेष्ठ मानता था और बहुत घमंड करता था।
एक दिन ऊँटों का झुंड जंगल में चरने गया। सभी ऊँट अपने मुखिया के आसपास सुरक्षित रहकर चर रहे थे। लेकिन धूम्रकेतु अपने घमंड में आकर घंटी बजाते-बजाते जंगल के काफी अंदर अकेला चला गया। उसे लग रहा था कि उसकी घंटी की आवाज़ सबको आकर्षित कर रही है।
जंगल में एक शेर लंबे समय से शिकार की तलाश में था। उसे घंटी की लगातार बजती आवाज़ सुनाई दी। शेर आवाज़ की दिशा में आगे बढ़ा और आसानी से धूम्रकेतु तक पहुँच गया। घमंडी ऊँट शेर को देखकर बुरी तरह घबरा गया, लेकिन इसके पहले कि वह भाग पाता, शेर ने उसका शिकार कर लिया।