एक प्राचीन और अत्यंत सुंदर राज्य था, जिसका नाम ‘चंद्रपुरी’ था। इस राज्य में ‘मीरा’ नाम की एक बहुत ही साहसी, दयालु और बुद्धिमान राजकुमारी रहती थी। चंद्रपुरी राज्य में चारों ओर हरियाली और खुशहाली थी, लेकिन राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित काले पहाड़ों पर एक दिव्य गुफा थी, जिसमें पूरे राज्य को आलोकित रखने वाली एक जादुई मणि (Crystal of Truth) रखी हुई थी।
एक बार एक दुष्ट जादूगर ने अपने अहंकार में आकर उस जादुई मणि की रोशनी चुरा ली, जिसके कारण पूरे चंद्रपुरी राज्य में अंधेरा और अकाल छा गया। पेड़-पौधे सूखने लगे और प्रजा अत्यंत चिंतित हो गई।
राजकुमारी मीरा ने फैसला किया कि वह चाहे कुछ भी हो जाए, काले पहाड़ों पर जाकर जादुई मणि की रोशनी वापस लाएगी। लेकिन काले पहाड़ों का रास्ता बहुत ही भयानक, गहरी खाइयों और कंटीले पत्थरों से भरा था। किसी भी इंसान के लिए पैदल वहाँ पहुँचना असंभव था।
जब मीरा जंगल की सीमा पर पहुँची, तो उसे एक अत्यंत दिव्य और अद्भुत दृश्य दिखाई दिया! एक बर्फ की तरह सफेद, सुनहरे पंखों वाला और दिव्य चमक से युक्त घोड़ा वृक्षों के बीच खड़ा था। यह ‘पंचश्रेष्ठ’ नाम का जादुई उड़ता घोड़ा था!
घोड़े ने मीरा को देखकर अपनी मधुर वाणी में कहा, “राजकुमारी मीरा! मैं केवल उसी व्यक्ति को अपनी पीठ पर बैठाता हूँ जिसके हृदय में सत्य, दया और निस्वार्थ प्रेम हो। तुम्हारा हृदय अत्यंत पवित्र है, मैं तुम्हें काले पहाड़ों तक ले जाऊँगा।”
मीरा खुशी-खुशी उड़ते घोड़े की पीठ पर बैठ गई। घोड़े ने अपने विशाल सुनहरे पंख फैलाए और पल भर में आसमान में ऊँची उड़ान भरी! बादलों के बीच से उड़ते हुए मीरा को बहुत ही अद्भुत अनुभव हुआ। पंचश्रेष्ठ घोड़ा मीरा को सीधे काले पहाड़ की चोटी पर स्थित दिव्य गुफा के पास ले गया।
गुफा के द्वार पर जादूगर का एक भयानक ड्रैगन खड़ा था। ड्रैगन ने मीरा पर आग की लपटें फेंकने का प्रयास किया। लेकिन मीरा ने डरने के बजाय बहुत ही शांत मन से अपना हाथ ड्रैगन की ओर बढ़ाया। मीरा के निर्मल स्पर्श और निर्भयता से ड्रैगन का सारा गुस्सा शांत हो गया और वह रास्ता छोड़कर हट गया।
मीरा ने गुफा के अंदर जाकर जादुई मणि पर अपना हाथ रखा और सच्चे मन से प्रार्थना की। मीरा के पवित्र हृदय के स्पर्श से जादुई मणि फिर से करोड़ों सूर्य की भाँति जगमगाने लगी! काला अंधेरा हमेशा के लिए समाप्त हो गया।
पंचश्रेष्ठ उड़ते घोड़े पर बैठकर मीरा जादुई मणि के साथ अपने राज्य वापस लौटी। चंद्रपुरी राज्य में एक बार फिर से उजाला, हरियाली और खुशहाली लौट आई।