બાળ કવિતા

गिलहरी बहना (Gilahari Bahna)

गिलहरी बहना बड़ी चंचल,
पेड़ों पर दौड़े फुर्ती से पल-पल!

उसकी पूँछ लहर-लहर डोले,
नन्हे-नन्हे पैरों से इधर-उधर डोले!

चीकू और सीताफल खाए,
मीठे-मीठे गीत सुनाए!

कोई आए तो झट से भागे,
सबको प्यारी नन्ही लगे!

गिलहरी बहना (Gilahari Bahna)