બાળ કવિતા

बंदर भैया बंदर भैया (Bandar Bhaiya Bandar Bhaiya)

बंदर भैया बड़े शरारती,
डाल-डाल कूदें फुर्ती से साथी!

हूप-हूप करके शोर मचाएँ,
केले खाकर छिलके गिराएँ!

पेड़ों पर दिनभर रहते,
रोज़ नई-नई मस्ती करते!

बंदर भैया बंदर भैया (Bandar Bhaiya Bandar Bhaiya)