मामा का घर कितनी दूर?
जहाँ जले दीपक भरपूर!
दीपक मैंने जलता देखा,
मामा का लड्डू कितना मीठा!
लड्डू हमको बहुत सुहाए,
दौड़-दौड़कर सब मिल खाएँ!
मामी डाँटे तो क्या होगा,
मामा फिर लड्डू ले आएँगे!
मामा का घर कितनी दूर?
जहाँ जले दीपक भरपूर!
दीपक मैंने जलता देखा,
मामा का लड्डू कितना मीठा!
लड्डू हमको बहुत सुहाए,
दौड़-दौड़कर सब मिल खाएँ!
मामी डाँटे तो क्या होगा,
मामा फिर लड्डू ले आएँगे!