मैंने एक काली गाय पाली,
खाती है वह हरी-हरी घास निराली!
मीठा-मीठा दूध वह देती,
हम सबको तंदुरुस्त रखती!
सिर पर उसके दो सुंदर सींग,
गौमाता हैं सबसे पवित्र और महान!
प्यार से सब गौमाता कहते,
हमारे आँगन की शोभा रहती!
मैंने एक काली गाय पाली,
खाती है वह हरी-हरी घास निराली!
मीठा-मीठा दूध वह देती,
हम सबको तंदुरुस्त रखती!
सिर पर उसके दो सुंदर सींग,
गौमाता हैं सबसे पवित्र और महान!
प्यार से सब गौमाता कहते,
हमारे आँगन की शोभा रहती!